मध्य प्रदेश के रीवा के चाकघाट नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) शंखधर पांडे से जुड़ा एक कथित ऑडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें अधिकारी एक महिला आउटसोर्स कर्मचारी को छुट्टी के दिन अपने निजी आवास पर बुलाने के लिए दबाव बनाते सुनाई दे रहे हैं। नगर परिषद CMO का यह कथित ऑडियो सामने आने के बाद से महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बी सवाल उठ रहा है।
चाकघाट CMO के ऑडियो से मचा हंगामा
ऑडियो में महिला कर्मचारी कथित तौर पर अधिकारी के घर आने में असमर्थता जताती सुनाई देती है। बातचीत के दौरान वह यह भी कहती है कि यदि किसी ने पूछ लिया तो वह क्या जवाब देगी। इसके जवाब में कथित अधिकारी उसे एक कारण बताने की बात कहते हैं और यह कहते हुए सुनाई देते हैं कि बाकी जिम्मेदारी उनकी होगी। वायरल बातचीत में अधिकारी की ओर से महिला कर्मचारी को पूर्व में किए गए सहयोग का हवाला देते हुए कथित रूप से दबाव बनाया जाता है। बातचीत के अंत में कथित अधिकारी उसे रात 9 बजे आने की बात कहते हुए इंतजार करने की बात कहते हैं।
महिला कर्मचारी की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
ऑडियो वायरल होने के बाद सरकारी कार्यालयों में कार्यरत महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि रिकॉर्डिंग पूरी और मूल है अथवा इसमें किसी प्रकार का संपादन किया गया है। बताया जा रहा है कि संबंधित महिला कर्मचारी को करीब दो माह पहले ड्यूटी से हटाया गया था और बाद में उसे दोबारा काम पर बुलाया गया। मामला सामने आने के बाद अब जरूरत इस बात की है कि वायरल ऑडियो की तकनीकी जांच कराई जाए और महिला कर्मचारी से पूरे मामले में उसका पक्ष जाना जाए। साथ ही संबंधित अधिकारी का आधिकारिक बयान भी सामने आना चाहिए, ताकि वायरल बातचीत की वास्तविकता और पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सके। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन इसकी सत्यता और बातचीत के पूरे संदर्भ की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
(इनपुट - अशोक मिश्रा)
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